Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

विषयों में स्वाद कम है, बन्धन अधिक है, केवल अतृप्ति है, सज्जनों द्वारा निन्दा होती है और पाप निश्चित है, ऐसा समझकर कौन व्यक्ति काम नामक विष को ग्रहण करेगा?

In sensual pleasures there is little taste, much bondage, only dissatisfaction, censure by the good, and certain sin—understanding this, what person would take up the poison called lust?

— आराध्य सूत्र · #5961

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य