Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

कामासक्त होकर भी रजस्वला से समागम न करें और न ही उसके साथ एक शय्या पर शयन करें क्योंकि रजस्वला से समागम करने वाले पुरुष की प्रज्ञा, तेज, बल, दृष्टि और आयु भी क्षीण हो जाती है किन्तु रजस्वला से दूर रहने वाले की प्रज्ञा, तेज, बल, दृष्टि व आयु बढ़ती है।

Even when driven by desire, one should not unite with a menstruating woman nor even share a bed with her, for the wisdom, vigour, strength, sight and lifespan of a man who does so decline, while those of one who keeps away from her increase.

— आराध्य सूत्र · #5930

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य