Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

अमावस्या, पूर्णिमा, अष्टमी, चतुर्दशी आदि पर्व के दिन प्रातः सायंकाल की संधि बेला और चन्द्रग्रहण आदि से दूषित दिन में अपनी विवाहित स्त्री के साथ भी विषय सेवन न करें।

On sacred days like the new moon, full moon, eighth and fourteenth, at the twilight junctions of dawn and dusk, and on days marred by lunar eclipse and the like, one should not indulge in relations even with one's own wedded wife.

— आराध्य सूत्र · #5929

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य