Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

सत्संगति का बड़ा प्रभाव पड़ता है, जो लोग साथ-साथ उठते बैठते हैं उनकी नैतिकता तथा चारित्र का स्तर भी समान हो जाया करता है, किसी व्यक्ति का चारित्र इतना सबल नहीं होता कि वह अपने आसपास की स्थितियों से प्रभावित न हो।

Holy company has a great influence; those who sit and rise together come to share the same level of morality and character, for no one's character is so strong that it remains unaffected by its surroundings.

— आराध्य सूत्र · #5757

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति