Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

धनिकों के लिए दूसरी निधियाँ हैं परन्तु सज्जनों के लिए गुणी मनुष्यों की समीपता ही श्रेष्ठ निधि है। श्रेष्ठ की संगति किसका बल नहीं बढ़ाती है?

For the rich there are other treasures, but for the good the nearness of virtuous people is the finest treasure. Whose strength does the company of the excellent not increase?

— आराध्य सूत्र · #5752

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति