जिस प्रकार स्वभाव से शीतल जल अग्नि की संगति से उष्ण हो जाता है उसी प्रकार कायर पुरुष भी वीर पुरुष के आश्रय (संगति) से वीर हो जाता है और वीर पुरुष भी कायर की संगति (आश्रय) से कायर हो जाता है।
As naturally cool water becomes hot in the company of fire, so a coward becomes brave in the shelter of the brave, and even a brave man becomes a coward in the company of the cowardly.
— आराध्य सूत्र · #5703
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