Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

संसार में चन्दन शीतल होता है, चन्दन से ज्यादा शीतल चन्द्रमा है, चन्दन और चन्द्रमा से शीतल साधु-सज्जनों की संगति है, चन्दन व चन्द्रमा तो बाहरी त्वचा को शीतल कर सकते हैं परन्तु सन्तों की संगति मन और आत्मा को शान्ति प्रदान करती है।

In this world sandal is cooling, the moon is more cooling than sandal, and cooler than both is the company of the saintly; for sandal and moon can cool only the outer skin, but the company of saints brings peace to mind and soul.

— आराध्य सूत्र · #5686

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति