Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

समय, सत्ता, सम्पत्ति और शरीर सदा साथ नहीं देते, परन्तु स्वभाव, समझदारी, सत्संग और सच्चे सम्बन्ध सदा साथ देते हैं।

Time, power, wealth and body do not stay with us forever; but one's nature, wisdom, good company and true relationships remain with us always.

— आराध्य सूत्र · #5669

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति