Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

रावण राम से उम्र में, बुद्धि में, बल में, कुटुम्ब में, राज्य में, सेना में, बड़ा था फिर भी हार गया क्योंकि राम का भाई राम के साथ था और रावण का भाई रावण के खिलाफ था।

Ravana surpassed Rama in age, intellect, strength, family, kingdom and army, yet he lost, because Rama's brother stood with Rama while Ravana's brother stood against Ravana.

— आराध्य सूत्र · #5664

इसी विषय के और सूत्र

सभी संगति →
संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति