Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

संसार में न कोई तुम्हारा मित्र है और न शत्रु है, तुम्हारा अपना विचार ही शत्रु और मित्र बनाने के लिए उत्तरदायी है।

In this world no one is your friend and no one your enemy; your own thinking alone is responsible for making friends and foes.

— आराध्य सूत्र · #5595

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन