Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

संसार में रहना चाहते हो तो माँ बनकर रहना और संसार से दूर होना चाहते हो तो महात्मा बनकर रहना सीख लो, बस क्षमा आपके रोम-रोम में बस जायेगी, जिससे जीवन स्वर्ग बन जायेगा, मन में कुछ भी आये उसे वचन से बोलना मत तो सारी दूरियाँ समाप्त हो जायेगी।

If you wish to live in the world, live as a mother; if you wish to be free of the world, learn to live as a saint. Let forgiveness settle into every fibre of your being and life will become heaven; whatever arises in the mind, do not utter it in speech, and all distances will vanish.

— आराध्य सूत्र · #5420

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा