Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

ब्रह्मचर्य के बिना मोह नष्ट नहीं होता, मित्र के बिना दुःख, सूर्य के बिना अन्धकार, सन्तोष के बिना लोभ, पथ्य के बिना रोग, पुण्य के बिना दुःख नष्ट नहीं होता है पुण्य हीन को वस्तु मिलने पर भी सुख प्राप्त नहीं होता किन्तु जो पुण्यवान होता है उसे जंगल में भी सुख/सम्मान प्राप्त होता है।

Without celibacy delusion is not destroyed, without a friend sorrow is not, without the sun darkness is not, without contentment greed is not, without wholesome diet disease is not, and without merit suffering is not destroyed. One devoid of merit gets no happiness even on obtaining things, but the meritorious finds happiness and honour even in a forest.

— आराध्य सूत्र · #5224

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य