Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

जो बुरा भला कहे जाने पर भी क्रोधित नहीं होता है, न हि अनुचित बोलता है धैर्य शौर्य आदि धर्मों से युक्त होने पर भी जो घमंड नहीं करता है, निरंतर विपत्तियाँ आने पर भी जो कातर नहीं होता है वह सज्जन कहलाता है।

He who does not grow angry even when reviled, nor speaks improperly, who is not proud though endowed with patience and valour, and who does not lose heart even when calamities come continuously, is called a virtuous man.

— आराध्य सूत्र · #4754

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा