Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

वास्तविक एकता उन्हीं लोगों की हो सकती है जो कि समान आचार-विचार वाले, समान परम्परा वाले, समान संस्कृति वाले और समान ध्येय युक्त होते हैं।

True unity is possible only among those who share the same conduct and outlook, the same tradition, the same culture, and the same aim.

— आराध्य सूत्र · #4747

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति