Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

आनन्द अनुभूति के स्थान पर हम आनन्द के प्रदर्शन में अधिक रुचि रखते हैं जो अनुचित है।

Instead of experiencing joy, we take more interest in displaying it, which is improper.

— आराध्य सूत्र · #4677

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन