किसी व्यक्ति ने हमारी आपत्ति में सहायता की हो ऐसे व्यक्ति की आपत्ति में हम भी सहायता कर दें तो यह कोई बड़ी बात नहीं है उपकारी पर उपकार करना यह तो सज्जनता का लक्षण है परन्तु है अपकारी पर भी उपकार करना यह तो महापुरुष का लक्षण है।
If someone helped us in our difficulty and we help him in his, that is nothing great; to be good to one who is good to us is the mark of a decent person, but to be good even to one who wrongs us is the mark of a truly great soul.
— आराध्य सूत्र · #4675
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