न तो कोई इतना धनाढ्य है कि उसे दूसरे की सहायता की आवश्यकता न हो और न ही कोई इतना दरिद्र है कि किसी भी रूप में अपने साथियों के लिए उपयोगी सिद्ध न हो सके।
No one is so rich that he needs no one's help, and no one is so poor that he cannot in some way prove useful to his companions.
— आराध्य सूत्र · #4431
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