Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

अपने साथ उपकार करने वालों के साथ जो साधुता बरतता है उसकी कोई तारीफ नहीं है। महात्मा तो वह है, जो अपने साथ बुराई करने वालों के साथ भी भलाई करे।

There is nothing praiseworthy in being good to those who have done you good. The truly great soul is one who does good even to those who wrong him.

— आराध्य सूत्र · #4286

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा