Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

जो मनुष्य रोग, क्लेश, मद, उन्माद तथा समस्त दुःखदायक परीषहों से पीड़ित होने पर भी स्वीकृत चारित्र को नहीं छोड़ते हैं वे स्तुत्य हैं।

Those who, though afflicted by disease, distress, pride, frenzy and all painful hardships (parishahas), do not abandon the conduct they have accepted, are worthy of praise.

— आराध्य सूत्र · #4091

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