वाणी दूसरों की निन्दा करके हम अपने बुरे होने का प्रमाण देते हैं। By slandering others, we give proof of our own badness. — आराध्य सूत्र · #3513 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
दूसरों की निंदा और अपनी प्रशंसा करने से नीचगोत्र का बंध होता है और वह बंध दूसरे गुणस्थान तक ही होता है अतः निंदा करने वाला नियम से ही मिथ्यादृष्टि पापी है। वाणी 0 – भेजें