Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

किसी की आलोचना न करो जिससे तुम्हारी भी कोई आलोचना न करे।

Criticize no one, so that no one criticizes you either.

— आराध्य सूत्र · #3419

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