Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

वही मनुष्य नेता बनने योग्य होता है, जो अपने सहायकों की मूर्खता की, अपने अनुगामियों के विश्वास घात की, मानव जाति की कृतघ्नता की और जनता की गुण-ग्रहण हीनता की, कभी शिकायत नहीं करता है।

He alone is fit to lead who never complains of his helpers' folly, his followers' betrayal, mankind's ingratitude, or the public's failure to appreciate merit.

— आराध्य सूत्र · #3213

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