Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

अति क्रोध, कटुवाणी, दरिद्रता, बंधु से वैर, नीच की संगत और अकुलीन की सेवा नरक में रहने वाले के चिह्न हैं।

Excessive anger, harsh speech, destitution, enmity with kin, keeping low company, and serving the base are the marks of one destined for hell.

— आराध्य सूत्र · #2924

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा