तुम जिन कठिनाइयों में फँसे हुए हो, उनको जो लोग दूर कर सकते हैं और आने वाली बुराइयों से जो लोग तुम्हें बचा सकते हैं, तुम उत्साहपूर्वक उनके साथ मित्रता करने की चेष्टा करो। जिस आदमी को ऐसे लोगों की मित्रता का गौरव प्राप्त है जो उसे डाँट फटकार सकते हैं तो उसे हानि पहुँचाने वाला कौन है?
Eagerly strive to befriend those who can remove the difficulties you are trapped in and who can save you from coming evils. Who can harm the man who has the privilege of the friendship of people who can rebuke and correct him?
— आराध्य सूत्र · #2721
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