Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

यदि तुम्हारा पड़ोसी जानबूझ कर झगड़ा करने की भावना से तुम्हें सताता हो तो भी सर्वोत्तम बात यही है कि तुम अपने हृदय में बदले की भावना न रखो और न बदले में चोट पहुँचाओ।

Even if your neighbour deliberately torments you seeking a quarrel, the best course is that you hold no thought of revenge in your heart and inflict no injury in return.

— आराध्य सूत्र · #2522

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा