Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

ब्राह्मणों के क्रोध को दान से, वैश्यों के क्रोध को मीठे वचनों से, क्षत्रिय के क्रोध को आदर सम्मान से, शूद्र के क्रोध को शक्ति से व गुरुजनों के क्रोध को प्रणाम करके शान्त करना चाहिए।

The anger of Brahmins should be calmed with charity, of Vaishyas with sweet words, of Kshatriyas with respect and honour, of Shudras with strength, and of elders by bowing to them.

— आराध्य सूत्र · #2426

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा