Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

क्रोध के लक्षण शराब और अफीम दोनों से मिलते हैं, शराबी की भाँति क्रोधी मनुष्य भी पहले आवेश वश लाल-पीला होता है, फिर आवेश के मन्द पड़ जाने पर भी यदि क्रोध न घटा तो वह अफीम का काम करता है और मनुष्य की बुद्धि को मन्द कर देता है, अफीम की तरह वह दिमाग को कुतर कर खा जाता है।

The signs of anger resemble both liquor and opium; like a drunkard, an angry person first turns red and yellow with excitement, and then, even when the excitement subsides, if the anger has not lessened it acts like opium and dulls the intellect, gnawing away at the brain like opium.

— आराध्य सूत्र · #2370

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा