Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

अनंत दुष्टों में से मैं कितनों को मार सकूँगा ? किन्तु क्रोध को चित्त में मार देने से मैंने सभी शत्रु मार दिये।

How many of the countless wicked could I ever slay? But by slaying anger within my mind, I have slain all enemies.

— आराध्य सूत्र · #2369

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा