Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

तप करते जो भूख सहें वे ऋषि उच्च महान्। क्षमा शील के बाद ही, पर उनका सम्मान। अत्यन्त क्रोधी स्वभाव का नेत्रधारी भी अंधा ही होता है।

The sages who endure hunger in penance are lofty and great, yet their honour comes only after the virtue of forgiveness; a person of extremely angry nature, though he has eyes, is verily blind.

— आराध्य सूत्र · #2367

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा