Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

क्षमा दंड से बड़ी है, दंड देता है मानव किन्तु क्षमा प्राप्त होती है देवता से, दंड में उल्लास है पर शान्ति नहीं और क्षमा में शान्ति भी है और आनंद भी।

Forgiveness is greater than punishment; man gives punishment, but forgiveness is received from the divine; punishment has excitement but no peace, while forgiveness has both peace and joy.

— आराध्य सूत्र · #2349

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा