Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

बदला लेने से इंसान अपने दुश्मन के समान हो जाता है किन्तु न लेने से वह सामने वाले से उत्तम बन जाता है।

By taking revenge a person becomes equal to his enemy, but by not taking it he becomes superior to the other.

— आराध्य सूत्र · #2338

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा