Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

वैर की सड़ांध संड़ास की तरह होती है, जिससे जीवन का एक क्षण भी शान्ति से नहीं कटता है, अतः क्रोध को छोड़िये क्योंकि क्रोध नहीं होगा तो वैर की उत्पत्ति ही नहीं हो सकती है। आग में खेलने वालों का अन्त राख की ढेरी है।

The stench of enmity is like that of a latrine, so that not a single moment of life passes in peace; therefore give up anger, for if there is no anger, enmity cannot even arise. Those who play with fire end as a heap of ash.

— आराध्य सूत्र · #2332

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा