Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

जैसे धागे में गाँठ लग जाने पर वह छेद से पार नहीं हो पाता है, वैसे ही मन में वैर की गाँठ लग जाने पर व्यक्ति संसार पार नहीं कर पाता है।

Just as a thread with a knot cannot pass through the eye of a needle, so a person with a knot of enmity in his mind cannot cross the ocean of worldly existence.

— आराध्य सूत्र · #2330

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा