Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

वैर महादुःख दायी है वैर न वैर मिटाता है, वैर निरन्तर प्राणी को भवसागर में भटकाता है।

Enmity is a giver of great suffering; enmity does not end enmity, it keeps a being wandering endlessly in the ocean of existence.

— आराध्य सूत्र · #2329

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा