Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

अति क्रोध, कटु वाणी, दरिद्रता, स्वजनों से वैर, नीचों का संग और अकुलीन की सेवाएँ यह सब नरकवासियों के लक्षण हैं।

Excessive anger, harsh speech, poverty, enmity with one's own kin, the company of the base, and serving the low-born — all these are marks of dwellers of hell.

— आराध्य सूत्र · #2326

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा