जब तक दूसरों का कर्ज चुका नहीं दिया जाता तब तक हम सदाचारी कभी नहीं कहला सकते हैं और हमें स्वर्ग में प्रवेश भी नहीं मिल सकता है।
Until we repay our debts to others we can never be called virtuous, nor can we gain entry into heaven.
— आराध्य सूत्र · #2286
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