Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

चारित्र के आसन पर आसीन प्राणी जिस वस्तु की आकांक्षा करता है तीनों लोकों में उसे वह प्राप्त होती है और वह तीन जगत् का स्वामी होता है।

A being seated upon the throne of good conduct obtains in all three worlds whatever he desires, and becomes lord of the three realms.

— आराध्य सूत्र · #1834

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