Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

जो लोग दोषों से सर्वथा रहित नहीं है, वे स्वयं पर तो नहीं बिगड़ते फिर वे अपनी निन्दा करने वालों पर क्यों क्रुद्ध होते हैं ?

People who are not entirely free of faults do not grow angry at themselves — so why do they rage at those who criticize them?

— आराध्य सूत्र · #1819

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा