Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

मुख से चाहे कोई कितनी ही धर्म-कर्म की बातें करे, पर उसकी चुगल खोर जिह्वा उसके हृदय की नीचता को प्रकट कर ही देती है।

However much a person may talk of dharma and religious deeds, his backbiting tongue inevitably reveals the baseness of his heart.

— आराध्य सूत्र · #1816

इसी विषय के और सूत्र

सभी वाणी →