Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

सेवकों को अपने स्वामी से उचित सम्मान पाकर जैसा सन्तोष होता है वैसा सन्तोष बहुत धन देने पर भी नहीं होता है।

The satisfaction servants feel on receiving due respect from their master is not felt even on being given much wealth.

— आराध्य सूत्र · #1787

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