Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

गुण एकान्त में भली-भाँति विकसित होते हैं, जबकि चरित्र का निर्माण संसार के भीषण कोलाहल में ही होता है।

Virtues develop well in solitude, whereas character is forged only in the fierce tumult of the world.

— आराध्य सूत्र · #1383

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