Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

वही बात विचार में लाओ जो आत्महित के लिए आवश्यक हो, यदि विपरीत बात विचार में आवें तो भेदविज्ञान की भावना से शीघ्र नष्ट कर दो।

Bring into thought only what is necessary for the welfare of the soul; if contrary thoughts arise, destroy them at once with the contemplation of discriminative knowledge (bheda-vijnan).

— आराध्य सूत्र · #1292

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन