Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

वेश्या जब अपने प्रेमी का दृढ़ आलिंगन करती है, तो वह ऊपर से यह प्रदर्शन करती है कि वह उससे प्रेम करती है; परन्तु मन में तो उसे ऐसा अनुभव होता है, जैसे कोई बेगारी अन्धेरे कमरे में किसी अज्ञात लाश को छूता है।

When a courtesan tightly embraces her lover, outwardly she displays that she loves him; but in her mind she feels as a bonded labourer feels touching an unknown corpse in a dark room.

— आराध्य सूत्र · #1169

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य