Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

स्त्री के संग से मन में शीघ्र ही विषय वासना उत्पन्न हो जाती है, उससे वैराग्य नष्ट होता है और वैराग्य न होने से पुरुष उत्तम तपस्या से भ्रष्ट हो जाता है अतः तपस्वियों को स्त्रियों का संग नहीं करना चाहिए क्योंकि वह विषय-कषाय की जड़ है एवं ज्ञान वैराग्य का विनाश करने वाली है।

From the company of a woman, sensual craving quickly arises in the mind, by which detachment is destroyed, and without detachment a man falls from noble austerity; therefore ascetics should not keep the company of women, for it is the root of sensual passion and the destroyer of knowledge and detachment.

— आराध्य सूत्र · #1159

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य