Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

विंध्यपर्वत के वन में भूख-प्यास से पीड़ित होकर मर जाना अच्छा है, सर्पों से भरे हुए तथा घास-फूस के घिरे कुँए में गिरना अच्छा है, गड्ढे और भँवर वाले गहरे जल में डूब जाना अच्छा है परन्तु समझदार कुलीन का शील से भ्रष्ट होना अच्छा नहीं है।

It is better to die of hunger and thirst in the forests of the Vindhyas, better to fall into a grass-covered well full of serpents, better to drown in deep whirlpool waters—but it is not good for a sensible, noble person to fall from virtue.

— आराध्य सूत्र · #1158

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य