Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

अवलोकन, संभाषण, विलास, परिहास, क्रीड़ा और आलिंगन आदि तो दूर रहे स्त्रियों का स्मरण भी मन को विकृत करने के लिए पर्याप्त है।

Let alone gazing, conversing, dalliance, jesting, play and embrace—even the mere remembrance of women is enough to corrupt the mind.

— आराध्य सूत्र · #1157

इसी विषय के और सूत्र

सभी ब्रह्मचर्य →
जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य