Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

सैकड़ों पुराणों, शास्त्रों व स्मृतियों के अध्ययन से उत्पन्न विवेक तभी तक समर्थ रहता है, जब तक मृग नयनी स्त्री का कटाक्ष हृदय में स्थान नहीं बना लेता है।

The discernment born of studying hundreds of Puranas, scriptures and codes remains capable only until the sidelong glance of a doe-eyed woman finds a place in the heart.

— आराध्य सूत्र · #1155

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य