Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

संसार में लकड़ी, डोरी या लोहे का बंधन उतना दृढ़ नहीं है जितना चंचल नेत्रों वाली स्त्री के मुख और ललित वाणी का दृढ़ बंधन है।

In this world the bond of wood, rope or iron is not as firm as the bond of the face and charming speech of a restless-eyed woman.

— आराध्य सूत्र · #1154

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य