ब्रह्मचर्य असावधान यौवन का भविष्य, दयनीय 'बुढ़ापा' होता है। The future of a careless youth is a pitiable old age. — आराध्य सूत्र · #1085 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है? ब्रह्मचर्य 0 – भेजें
पराई स्त्री और पर धन जिसके मन को अपवित्र नहीं करते, गंगादि तीर्थ उसके चरण स्पर्श की अभिलाषा करते हैं। ब्रह्मचर्य 0 – भेजें
दान तीर्थ है, मन का संयम तीर्थ है संतोष को भी तीर्थ कहा जाता है लेकिन ब्रह्मचर्य परम तीर्थ है। ब्रह्मचर्य 0 – भेजें
सुन्दर चेहरा देखकर विद्वत्ता भैंस चराने चली जाती है, अतः राख बनने वाले चेहरे देखने से बचें। ब्रह्मचर्य 0 – भेजें