Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

स्त्री के साथ भोजन न करें, भोजन करती, छींकती, जंभाई लेती, एकान्त में सुखपूर्वक बैठी स्त्री को न देखें, नेत्रों में काजल या अंगों में उबटन लगाती हुई, नग्न बैठी हुई, स्नान करती हुई या प्रसव करती हुई स्त्री को तेजस्वी होने की इच्छा वाला साधक न देखें।

One should not dine with a woman; a seeker who wishes to remain spiritually radiant should not gaze at a woman while she eats, sneezes, yawns or sits at ease in solitude, nor at one applying kohl to her eyes or paste to her limbs, sitting unclothed, bathing, or giving birth.

— आराध्य सूत्र · #1083

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य